अयोध्या। अयोध्या भरतकुंड मार्ग पर मधुपुर गांव के पास निर्माणाधीन पुलिया का वैकल्पिक मार्ग तेज बरसात के पानी में बह जाने से बीते 2 दिनों से रास्ता अवरुद्ध है। हालात यह है कि भरतकुंड से अयोध्या व अयोध्या से भरतकुंड जाने वाले पर्यटक व राहगीरों को काफी दूरी तय करना पड़ रहा है।इन पर्यटकों को गांव की गलियों व रास्तों से गुजरना पड़ रहा है गौरतलब हो कि इस समय अयोध्या भरतकुंड मार्ग निर्माण काफी तेज गति से चल रहा है। इसी बीच मधुपुर गांव के पास स्थित नाले की पुलिया बनाई जा रही थी। निर्माण कार्य इस समय द्रुत गति से चल रहा था तथा राहगीरों को आने जाने के लिए बगल से वैकल्पिक मार्ग बनाया गया था जिससे होकर छोटे और बड़े सभी वाहन वहां से गुजर रहे थे। इसी बीच बृहस्पतिवार को दोपहर बाद हुई तेज बरसात देर रात तक चलती रही जिससे पानी खूब बरस जाने के कारण नाले का पानी पूरे उफान पर पहुंच गया तथा वैकल्पिक मार्ग पानी के तेज बहाव के साथ बह गया जिससे अयोध्या भरतकुंड मार्ग पर आवागमन प्रभावित हो गया। यहां पर अभी भी पानी का तेज बहाव जारी है क्योंकि इस नाले में सोहावल तक का पानी आता है जिससे इस वैकल्पिक मार्ग का निर्माण व पुलिया निर्माण लगभग दो हफ्ते बाद ही हो सकता है। बताते हैं कि राहगीर अब किसी तरह से काफी दूरदराज का रास्ता तय कर अपने गंतव्य तक पहुंच रहे हैं। भरतकुंड की तरफ के लोग जहां इलाहाबाद राजमार्ग का प्रयोग कर रहे हैं वही अयोध्या की तरफ से आने वाले राहगीर मधुपुर से वर्कशॉप जाने वाले मार्ग का इस्तेमाल कर इलाहाबाद रोड से होते हुए भरतकुंड पहुंच रहे हैं। हालात यह है कि 50 मीटर दूरी पर ही बसे लोग आपस में संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। उधर अभी तक यहां पर प्रशासन द्वारा कोई भी प्रयास नहीं शुरू किया गया जिसे लेकर स्थानीय लोगों में क्रोश व्याप्त है।
अयोध्या। अयोध्या भरतकुंड मार्ग पर मधुपुर गांव के पास निर्माणाधीन पुलिया का वैकल्पिक मार्ग तेज बरसात के पानी में बह जाने से बीते 2 दिनों से रास्ता अवरुद्ध है। हालात यह है कि भरतकुंड से अयोध्या व अयोध्या से भरतकुंड जाने वाले पर्यटक व राहगीरों को काफी दूरी तय करना पड़ रहा है।इन पर्यटकों को गांव की गलियों व रास्तों से गुजरना पड़ रहा है गौरतलब हो कि इस समय अयोध्या भरतकुंड मार्ग निर्माण काफी तेज गति से चल रहा है। इसी बीच मधुपुर गांव के पास स्थित नाले की पुलिया बनाई जा रही थी। निर्माण कार्य इस समय द्रुत गति से चल रहा था तथा राहगीरों को आने जाने के लिए बगल से वैकल्पिक मार्ग बनाया गया था जिससे होकर छोटे और बड़े सभी वाहन वहां से गुजर रहे थे। इसी बीच बृहस्पतिवार को दोपहर बाद हुई तेज बरसात देर रात तक चलती रही जिससे पानी खूब बरस जाने के कारण नाले का पानी पूरे उफान पर पहुंच गया तथा वैकल्पिक मार्ग पानी के तेज बहाव के साथ बह गया जिससे अयोध्या भरतकुंड मार्ग पर आवागमन प्रभावित हो गया। यहां पर अभी भी पानी का तेज बहाव जारी है क्योंकि इस नाले में सोहावल तक का पानी आता है जिससे इस वैकल्पिक मार्ग का निर्माण व पुलिया निर्माण लगभग दो हफ्ते बाद ही हो सकता है। बताते हैं कि राहगीर अब किसी तरह से काफी दूरदराज का रास्ता तय कर अपने गंतव्य तक पहुंच रहे हैं। भरतकुंड की तरफ के लोग जहां इलाहाबाद राजमार्ग का प्रयोग कर रहे हैं वही अयोध्या की तरफ से आने वाले राहगीर मधुपुर से वर्कशॉप जाने वाले मार्ग का इस्तेमाल कर इलाहाबाद रोड से होते हुए भरतकुंड पहुंच रहे हैं। हालात यह है कि 50 मीटर दूरी पर ही बसे लोग आपस में संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। उधर अभी तक यहां पर प्रशासन द्वारा कोई भी प्रयास नहीं शुरू किया गया जिसे लेकर स्थानीय लोगों में क्रोश व्याप्त है।
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शीतला प्रसाद पांडेय अयोध्या।सुल्तानपुर अयोध्या ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे के लिए तहसील सदर के सूखापुर इटौरा गांव में शुरू नए सर्वे का ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया है।ग्रामीण छह माह पूर्व सर्वे कर चिन्हांकित जमीन पर ही एक्सप्रेस वे बनवाने की मांग पर अड़े हैं।ग्रामीण इस बाबत भाजपा पूर्व सांसद लल्लू सिंह से भी मिल चुके हैं।बुधवार को जिलाधिकारी व मंडलायुक्त से मिल पुराना सर्वे बरकरार रखने की मांग रखेंगे। ग्रामीणों का आरोप है कि जब छह माह पूर्व दिल्ली की सर्वे कंपनी टीएससीएल द्वारा सर्वे व भूमि चिन्हांकन कर किसानों की मेढ़ों पर पिलर सीमेंट से जाम कर दिया गया तो अब दोबारा सर्वे की क्या जरूरत?इस बार किसानों की अत्यधिक उपजाऊ वाली जमीन लेने की कोशिश की जा रही है जिसका हम लोग विरोध करेंगे। किसानों की मांग है कि पुराना सर्वे ही बरकरार रखा जाय जिसका हम लोगों का कोई विरोध नहीं है जब कि उसमें भी हम लोगों की ही जमीन जा रही है।किसानों ने कहा कि हम किसी भी कीमत पर अपनी अत्यधिक उपजाऊ वाली जमीन देने को तैयार नहीं हैं।अगर यह जमीन ली गई तो किसान भूखों मर जाएंगे। फिलहाल उनके आवास पर मिलने गए ग्रामीणो...
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