धन का उपयोग करो या दान,नहीं तो नष्ट हो जाएगा:आचार्य श्याम शास्त्री महाराज
शीतला प्रसाद पांडेय
अयोध्या। आचार्य श्याम सारथी महाराज ने दान की महिमा बताते हुए कहा कि धन की तीन गति होती है या तो उस धन का उपयोग करो या तो दान करो नहीं तो वह नष्ट हो जाएगा।
आचार्य श्री श्याम सारथी जी महाराज पूराकलंदर के इटौरा गांव में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा में महाभारत की कथा सुना रहे हैं। उन्होंने दान की महिमा बताते हुए कहा एक बार विदुर जी सभा में बैठे थे और उन्होंने कहा दो लोगों के गले में भारी भारी पत्थर बांध के नदी में डुबो देना चाहिए। दुर्योधन ने कहा चाचा किसको किसको तब विदुर ने कहा जो धनवान हो करके दान नहीं करता। गरीबों व असहायो की सहायता नहीं करता उसको और दूसरा जो दरिद्र है। पुरुषार्थ नहीं करता, परिश्रम नहीं करता, मेहनत नहीं करता, उन्होंने कहा कि मेहनत करने वाला व्यक्ति सफल जरूर होता है। कुछ समय के लिए उसे निराशा भले लग सकती है लेकिन अगर निरंतर अपने कार्य को कर रहा है तो जरुर सफलता को प्राप्त करता है। आलस्य मनुष्य को पतन की ओर ले जाता है।कथा में आचार्य चंदन शास्त्री मनीष शास्त्री, शंकर नाथ पांडेय यजमान बलराम पांडेय, चंद्रप्रकाश पांडेय आदि मौजूद रहे।अयोध्या। श्याम सारथी महाराज ने दान की महिमा बताते हुए कहा कि धन की तीन गति होती है या तो उस धन का उपयोग करो या तो दान करो नहीं तो वह नष्ट हो जाएगा।
आचार्य श्री श्याम सारथी जी महाराज पूराकलंदर के इटौरा गांव में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा में महाभारत की कथा सुना रहे हैं। उन्होंने दान की महिमा बताते हुए कहा एक बार विदुर जी सभा में बैठे थे और उन्होंने कहा दो लोगों के गले में भारी भारी पत्थर बांध के नदी में डुबो देना चाहिए। दुर्योधन ने कहा चाचा किसको किसको तब विदुर ने कहा जो धनवान हो करके दान नहीं करता। गरीबों व असहायो की सहायता नहीं करता उसको और दूसरा जो दरिद्र है। पुरुषार्थ नहीं करता, परिश्रम नहीं करता, मेहनत नहीं करता, उन्होंने कहा कि मेहनत करने वाला व्यक्ति सफल जरूर होता है। कुछ समय के लिए उसे निराशा भले लग सकती है लेकिन अगर निरंतर अपने कार्य को कर रहा है तो जरुर सफलता को प्राप्त करता है। आलस्य मनुष्य को पतन की ओर ले जाता है।कथा में आचार्य चंदन शास्त्री मनीष शास्त्री, शंकर नाथ पांडेय यजमान बलराम पांडेय, चंद्रप्रकाश पांडेय आदि मौजूद रहे।
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