सत्संग के बिना भगवत प्राप्ति संभव नहीं- पं मनीष पाराशर
शीतला प्रसाद पांडेय/अयोध्या।विकासखंड पूराबाजार के मोहतसिमपुर मजरे साधो पांडेय का पुरवा में चल रही सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन कथा व्यास पंडित मनीष पाराशर जी महाराज ने कहा कि सत्संग के बिना भगवत प्राप्त सुलभ नहीं होता।
कथा व्यास ने कहा 'प्रथम भगति संतन कर संगा' अर्थात अगर भक्ति में डूबना है तो पहले संतों का संगत करना पड़ेगा जब संतों का संग मिल जाएगा तो भक्ति सुलभ हो जाएगी और तभी भगवान की प्राप्ति हो सकती है।
कथा व्यास ने कहा कि अगर आप भागवत कथा सुनकर कुछ पाना चाहते हैं, कुछ सीखना चाहते है तो कथा में प्यासे बन कर आए तो ये भागवत कथा जरूर आपको कुछ नहीं बल्कि बहुत कुछ देगी। कहा कि मनुष्य जीवन विषय वस्तु को भोगने के लिए नहीं मिला है, लेकिन आज का मानव भगवान की भक्ति को छोड़ विषय वस्तु को भोगने में लगा हुआ है। उसका सारा ध्यान संसारिक विषयों को भोगने में ही लगा हुआ है। मानव जीवन का उद्देश्य कृष्ण प्राप्ति शाश्वत है। उन्होंने कहा कि हमारे लिए जीवन का उद्देश्य कृष्ण को पाकर ही जीवन छोड़ना है और अगर हम ये दृढ़ निश्चय कर लेंगे कि हमें जीवन में कृष्ण को पाना ही है तो हमारे लिए प्रभु से बढ़कर कोई और सुख, संपत्ति या सम्पदा नहीं है। जो भी इस भागवत के तट पर आकर विराजमान हो जाता है, भागवत उसका सदैव कल्याण करती है। कथा व्यास ने शुकदेव की महराज के जन्म की कथा को विस्तार से सुनाया। इस अवसर पर आयोजक पूर्व कार्यवाहक जिला पंचायत अध्यक्ष करुणाकर पाण्डेय, पूर्व जिला पंचायत सदस्य गिरीश कुमार पांडे डिपुल, ग्रामोदय ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस रामपुर सरधा के प्रबंधक पीएन सिंह, रमन दूबे, पूर्व प्रधान रसूलाबाद बलराम दूबे, पूर्व प्रधान अलावलपुर योगेश कुमार मिश्रा, सूर्य भान सिंह, सहदेव मिश्रा, अजय मिश्रा, अशोक मिश्रा, प्रधान अनूप वर्मा, विजय कोरी, लल्लू राम कोरी सहित ग्रामीणों ने कथा का रसपान किया।
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