भरतकुंड पर्यटन कॉन्क्लेव में दिखा भक्ति, संस्कृति और उत्सव का अद्भुत संगम
शीतला प्रसाद पांडेय/अयोध्या। भगवान श्रीराम के अनुज भरत जी की तपोभूमि भरतकुंड में दो दिवसीय भरतकुंड पर्यटन कॉन्क्लेव का भव्य आयोजन किया गया। इस दौरान भगवान श्रीराम एवं महात्मा भरत जी का जन्मोत्सव अत्यंत श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। सतुवा संक्रांति के पावन पर्व पर पारंपरिक सतुवा भोज का आयोजन कर लोक परंपराओं को जीवंत किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत सुंदरकांड पाठ से हुई। इसके बाद संस्कृति विभाग के कलाकारों द्वारा भजन प्रस्तुत किए गए।
इसके उपरांत पूनम वर्मा द्वारा मनमोहक लोक नृत्य प्रस्तुत किया गया, जिसने दर्शकों का मन मोह लिया। वहीं लोक कलाकार प्रकृति यादव ने बधाई और भगवान जन्म से संबंधित गीतों पर भावपूर्ण नृत्य प्रस्तुत कर कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।
पूरा आयोजन श्रद्धा, भक्ति और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का अद्भुत उदाहरण बना। दिन भर हवन पूजन के साथ भंडारा भी चला रहा और श्रद्धालु भोजन प्रसाद लेते रहे।
इस अवसर पर जनपद की अनेक विभूतियों को श्री भरत सेवा शिरोमणि सम्मान प्रदान किया गया।
जिसमें मुख्य अतिथि भाजपा जिलाध्यक्ष राधेश्याम त्यागी तथा विशिष्ट अतिथि पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष कमला शंकर पाण्डेय उपस्थित रहे। भरतकुंड महोत्सव न्यास अध्यक्ष अंजनी कुमार पाण्डेय, व्यवस्थापक योगेश मिश्रा, डॉ विजय शंकर मौर्य, रीता तिवारी द्वारा अतिथियों का माल्यार्पण कर तथा स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर अरुण त्रिपाठी, डा आकांक्षा सिंह, मंजू निषाद, राधेश्याम शुक्ला, राहुल शर्मा सन्यासी, सुधा मौर्या, रेनू तिवारी, आरती दूबे, ऋषि पाण्डेय, प्रमोद मिश्रा, आशीष पाण्डेय, पूनम वर्मा, अर्चना द्विवेदी, संतोष सिंह, प्रकृति यादव,विश्वविजय नाथ पांडेय आदि को श्री भरत शिरोमणि सेवा सम्मान प्रदान किया किया गया।



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